मोहब्बत की कहानी अक्सर जितनी सुनने में मधुर लगती है। उतनी वास्तव में मधुर होती नहीं है। उसके पीछे काफी संघर्ष छुपा हुआ होता है।
वैसे तो मोहब्बत पर बहुत सी मूवी बनी हुई है। जो लोगों को काफी पसंद है किन्तु उनमें से ऐसी बहुत कम ही मूवी है। जो उसके पीछे की वास्तविकता को व्यक्त करने में सफल हो पाती है।
उसमें से ही एक मूवी है"एक दूजे के लिए'' जो कि मोहब्बत के कड़वी सच्चाई को बयां करती है जो आज भी हमारे समाज में मौजूद है।
इस मूवी में सपना और वासु की मोहब्बत की कहानी को बताया गया है। जो कि काफी दर्द भरी है। जो दर्शको की आंखों में आंसू ला देती है । जहां एक तरफ पूरा परिवार उनका साथ देने से मना कर देता है। वहां दर्शका दीर्घा में बैठी जनता उनका साथ देती नजर आती है। जो कि चाहती है कि सपना और वासु साथ आ जाएं किन्तु अफसोस वो चाह कर भी नजदीक नहीं आ पाते है। मूवी में आगे ऐसी बहुत सी दर्दनाक घटना होती है जो सबको तोड़ कर रख देती है।
इस मूवी का गाना 'सोलह बरस की बाली उम्र को सलाम' जैसे आज के समय में हर चाहने वाले व्यक्ति की दिल की धड़कना बन जाता है जिन्होंने कभी किसी से मोहब्बत की है।
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