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Idiot Medium कैसे बना हम सबके लिए जरूरी मीडियम

 

रेडियो को जिस तरह ब्लाइंड मीडिया कहा जाता है ∣ जो कि केवल सुना जाने वाला माध्यम है ∣ 
ठीक उसी तरह टीवी को इडियट् बॉक्स के नाम से जाना जाता है ∣ जो इंसान को स्वयं की बुद्धि न लगाने को कहता है ∣ जहां कल्पना और सोचने जैसी कोई बात ही नहीं होती है ∣ इसके चलते इसे 'इडियट्स बॉक्स ' भी कहा जाता है ∣

ये वहीं टीवी है जो हम  बचपन से लेकर बड़े होने तक देखते है ∣ जहां एक तरफ छोटे के रूप में कार्टून तो वहीं दूसरी तरफ बड़े होने पर हम रियलिटी शो, टीवी सीरियल देखते है ∣
ये Idiot Medium हम सब को कुछ वक्त के लिए जिंदगी की भाग दौड़ से दूर एक आराम वाली दुनिया में ले जाता है ∣

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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..