कहानी कहने का सही तारीक नृत्य है बताती है नाट्यम मूवी



नृत्य कथा कहने का सबसे सशक्त माध्यम है ∣ जो आज भी लोगों के बीच काफी पॉपुलर है ∣ एक अच्छा नृत्य वहीं माना जाता है जो अपनी प्रस्तुति के जरिए लोगों तक अपनी बात पहुंचा देता है∣ 

जब हम नाट्यम मूवी की बात करते हैं ∣ तब पाते हैं ये मूवी दर्शकों के सामने अपनी कहानी को रखने में सफलता पाती है ∣ जैसे जैसे कहानी आगे बढ़ती है ∣ दर्शकों की जिज्ञासा उसके साथ घटती बढ़ती है ∣
इस मूवी कहानी में हम पाते हैं ∣ कि एक ऐसा गांव है ∣ जो अपने नृत्य के लिए जाना जाता हैं ∣ जहां पर दूर -दूर से लोग कुचिपुड़ी नृत्य सीखने आते हैं ∣ किन्तु इसके बावजूद इस गांव में आज भी नृत्य को लेकर एक अंधविश्वास जुड़ा है ∣ जो कि उस गांव प्रसिद्ध  नृत्यांगना कांदबिनी से जुड़ा है कांदबिनी के बारे में गांव में बात करना अपशगुन समझा जाता है ∣ वहीं गांव की एक लड़की सितारा कांदबिनी की कहानी को जानना चाहती है ∣ वो बचपन से ही कांदबिनी जैसा बनने के लिए अपना जी जान लगा देती है ∣ इसी बीच वो अपने जीवन का एक ऐसा प्राण ले लेती है ∣ जो उसका पूरा जीवन ही बदल कर रख देता है ∣ 
इस मूवी का निर्दैशन रेवंत कोरुकोंडा ने किया है ∣ वहीं इस मूवी में मुख्य कलाकार संध्या राजू, कमल काम रजू
 है ∣



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