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एक महान अदाकारा मधुबाला



कहते हैं कि हर चीज की व्यक्ति को एक कीमत अदा करनी पड़ती है ∣  जब वो ख्वाब देखता है ∣ आसमां को छुने का तो उस इंसान को बहुत कुछ सहना होता है ∣

अपनी शानदार एक्टिंग से लोगों का दिल जीतने वाली मधुबाला भी उन्हीं लोगों में से थी जिनका जीवन एक मर्मिक उपन्यास के पन्नों की तरह है ∣
 कहते हैं जब वो छोटी थी तब उनके पिता ने एक दिन उन्हें अनाथ आश्रम में जाकर फेका दिया ∣ इसका एक मात्र कारण गरीबी था ∣ बाद में उनकी मां के समझने के बाद वो फिर वो उन्हें घर लेकर आए थे ∣
अभावों में पली मधुबाला का जीवन भले हमारी तरह सामान्य नहीं था ∣ जो तालीम जैसी मूलभूत चीज भी न ले पायी थी  किन्तु उन्हें जिंदगी को काफी करीब से देखा था ∣ 

मात्र अपनी उम्र के 36 साल जीने वाली मधुबाला का फिल्मी करियर बड़ा रोमांचक भरा रहा है जिन्होंने नील कमल और काला पानी जैसी अनेक मूवी की है ∣
लेकिन तब वो चर्चा में आयी जब उन्होंने मुगले आजम में अनारकली की भूमिका अदा की ∣ भले ही इस मूवी को आलोचकों के द्वारा ज्यादा  न सराहा गया हो किन्तु मधुबाला की एक्टिंग के चलते उन्हें बेस्ट फिल्म एक्टर के लिए भी नामांकित किया गया था ∣ आज भी जब लोग इस मूवी को देखते हैं तो वो मधुबाला की एक्टिंग की तारीफ करते थकते नही है ∣
उनकी खूबसूरती के भी लोग काफी दीवाने है जो अपनी मुस्कुराहट से हर किसी का दिल जीत लेती थी ∣ पर उसके पीछे का दर्द तो केवल वो ही जानती थी ∣ 
उनकी शख्सियत आज भी करोड़ों दिलों की धड़कन में बसी हुई है ∣ जो हर परिस्थितियों में हमें जीना सिखा जाती है ∣



  

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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..