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Child Murder: मत मानों उन्हें भगवान, इंसान तो समझों

 

Child Murder: वो बच्चे जिन्हें हम भगवान का रूप मानते है∣ जिन्हें हम भगवान का सबसे सुंदर तोहफा मानते है∣ लेकिन यहीं बच्चे जब इस दुनिया में कत्लेआम का शिकार होने लगते हैं∣ तब ये कहने में देरी नहीं लगती 'मत मानों उन्हें भगवान कम से कम इंसान तो समझो'। 



 जब उनकी हत्या आम हो गयी है

कभी पैस, तो कभी प्यार, कभी बेवफ़ाई के चलते उन नन्ही जान की जानें ले ली जाती है∣ आज हालात ये है कि उनको इस दुनिया में लाने वाली माँ भी उनका गला घोटने में पीछे नहीं रहती है∣ जिसे देख ऐसा लगता है मानों की आज ममतामयी कोख भी कलयुग की भेंट चढ़ गयी है∣ आज माँ - माँ न रह अपनी ही संतान की दुश्मन बन बैठी है∣


हत्यारे हो चुके लोग ,उनके हाथ खून से रंगे 

कभी लड़के न होने के चलते, तो कभी अपंग पैदा होने का दुख, कभी पति पत्नी के झगड़े के बीच वो बच्चे मारे जाते हैं। दुनिया चाहे आज कितनी खूबसूरत हो। पर इनकी हत्या करने वाले लोग,इंसान कहलाने के लायक नहीं रह जाते है। 


भगवान नही, कम से कम इंसान तो समझों

यू तो वो हमारे समाज में भगवान का रूप माने जाते हैं∣ जो इस दुनिया का सबसे खूबसूरत तोहफा कहलाते हैं∣ लेकिन विडंबना देखों, समाज कि एक तरफ वो‌ पूजे दूसरी तरफ उनके कत्लेआम कर दिए जाते है∣

''मैं नहीं कहती तुम उनको भगवान मान पूजों, पर कम से कम उन्हें इंसान समझ। उनका जीने का हक तो उनसे न छिनों। उन नन्हें फूलों को अपनी खूबसूरती इस दुनिया में लाने दो। मत छिनों उनसे उनका हक उन्हें जी लेने दो।''


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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..