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Money: पैसा क्या चीज है ये तब समझ आता है



Money: कहते है जो चीज मुफ्त में मिले, वो अक्सर अपनी अहमियत खो  देती है। फिर चाहें वो चीज कितनी भी नायाब क्यों न हो। 

अब बात पैसें को ही ले लो, बचपन में जिस पैसे को हम कागज से ज्यादा कुछ नहीं मानते थे। जो भले हमारी सैलरी जितनी न हो लेकिन पॉकेटमनी से हमारा खर्च तो निकल ही जाता था। आज हाल ये है सैलरी मिलते देरी नहीं लगती और खर्च हो जाती है।

बचपन में हमारे मां बाप पैसे देते वक्त हमें एक चीज कह करते थे... कि पैसे का सही उपयोग करों. बेमतलब यहां वहां पैसे खर्च न करों। तब हमें उनकी बातें बड़ी बुरी लगती थी। जैसे - जैसे हमें बड़े हुए. ये बातें हमारे लिए समय के साथ बदलती गयी। 
लेकिन इसका वास्तविक अर्थ हम तब समझें... जब हम कमाने घर से निकले।
जहां हमने पैसों की अहमियत को जाना। जिस पर हाथ रख दें वो खरीदने वाले नियम को जैसे हमने स्वयं तोड़ा।

आज जब हम इस बाजीरकरण की दुनिया में अपनी कीमत लगाने निकले है। तब जैसे ये बात समझ आयी। पैसें कमाना वास्तव में मुश्किल काम है। जिसे कमाने की पहली शर्त ही... खुद की आजादी पर एक तरह का अंकुश लगा देना है। जहां हमारी पसंद न नापसंद जैसी कोई चीज नहीं। पैसा कमाना है तो चाहते न चाहते हुए हमें कॉरपोरेट का गुलाम बन काम करना होगा। 
आखिरी महीनें में जब हमें सैलरी मिलेगी। तब इसके एक- एक रुपयें का हिसाब कर, हमें अपना पूरा महीना गुजरना होगा।

पैस जिंदगी तो नहीं है। पर जिंदगी जीने के लिए जरुरी चीज है। स्वाभिमान  के साथ जीने के लिए पैसा कमाना जरुरी है।

इसके बिना आप जिंदगी जी तो सकते है। पर सुकुन की नींद नहीं पा सकते है।

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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..