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हमारी सोच से विपरीत की दुनिया


अक्सर हमें लगता है कि हम समय के साथ आगे बढ़ते जा रहे हैं∣  हमारा मुकाबला किसी ओर से नहीं बल्कि खुद से है∣ जहां हम और समय साथ- साथ चलते जा रहे हैं किंतु इसके विपरीत हमें सच्चाई तब मालूम चलती है∣ जब हम ऐसी जगह पर जाते हैं∣

 जहां हमारा लोगों से पहली बार ऐसे सामना होता है∣ जैसे हम उनके सामने कितने बौने है∣
हम खुद को वो खाली बर्तन समझते है जिसमें जितना कुछ भी डाल दो वो खाली ही रह जाता है∣
इस दुनिया की कड़वी सच्चाई हमें तब मालूम चलती है∣ हर जगह महत्व उसी चीज का है∣ जिसमें गुणवत्ता और आकर्षण दोनों है∣

आज के प्रतियोगिता वादी युग में अगर हमें सफल होना है तो हमें उस जगह की पूरी जानकारी होनी चाहिए जिस जगह हम जाने का  सोच रहे हैं∣ वरना सपने तो हर कोई  चांद पर जाने का देखता हैं पर विश्व रिकॉर्ड तो जुनूनी और मेहनत ही लोग बना पाते हैं ∣




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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..