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वो माँ ही तो होती है

 



 माँ जिसको फिक्र अपने से ज्यादा बच्चों की होती है

जो मसीहा बनकर अपने बच्चों की रक्षा करती है ∣

जो अपने बारे में कम  परिवार के बारें में ज्यादा सोचती है 

जिसके लिए अपनी खुशियों से ज्यादा अपनों की खुशियां ज्यादा महत्वपूर्ण होती है ∣

एक दिन भी अगर बीमार हम पड़ जाए  तो सबसे 

ज्यादा परेशान वो ही तो होती है ∣

हमें लगता है कि बात बात पर वो हमें कितना  समझती है

हमें बेमतलब ही क्यों डांट  लगती है ∣

एक माँ ही जानती है कि उसके बच्चों के लिए सही क्या है और गलत क्या है ∣

बड़े खुशनसीब  वो लोग  होते हैं जिनकी माँ होती है

वरना कितने ऐसे लोग होते हैं जिनकी माँ उन्हें देखने तक को नसीब नहीं होती है ∣

माँ है तो उसकी कद्र करें 

उसके होने से ही हमारी दुनिया होती है ∣

वो माँ ही तो होती है

जो हंसते हंसते अपने सारे गम सह लेती है

पर जब बात उसके बच्चों की आए तो सारी दुनिया से लड़ जाती है ∣

आज भी जब चोट हमें लगती है तो सबसे पहले  हमें  याद अपनी माँ की ही तो आती है ∣

वो माँ होती है जिसके होने से हमारी दुनिया होती है ∣

Comments

Poornima said…
😊😊😊👌👌👌👌

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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..