स्वर कोकिला लता मंगेशकर



30 हजार से ज्यादा गीत गाने वाली लता मंगेशकर का आज  निधन हो गया है ∣ 
 उनका जन्म 28 सितम्बर  1929  मध्यप्रदेश की वाणिज्य   राजधानी इंदौर में
हुआ था जिन्हें भारत रत्न के अलावा अनेक पुरूस्कार मिले हैं ∣ 


उनका जीवन बहुत संघर्ष पूर्ण रहा है उन्हें न केवल अपने गीतों से बल्कि अपने व्यवहार से सब का मन जीता है ∣ जो जीवन की हर परिस्थितियों में सदा मुस्कुराते हुए अपने जीवन में आगे बढ़ती जाती थी जिनका गाया गीत 'ए मेरे वतन के लोगों ' जिसने हर देश वासी के आंखों में आंसू ला दिया था जिसे आज भी सुन जाए तो वो वैसा ही लगता है उनके गाए हुए गीत हमेशा अमर रहेगें ∣ 

लता मंगेशकर के गीत और गायन की खूबसूरती पर कुमार गंधर्व ने एक लेख लिखा है जिसका  शीर्षक" भारतीय गायिकाओं में बेजोड़ लता मंगेशकर  है ∣ 

जिसमें वो लिखते हैं कि लता के कारण ही चित्र पट संगीत को और मनोरंजन की दुनिया में विलक्षण लोकप्रियता प्राप्त हुई, यही नहीं लोगों का शास्त्रीय संगीत की ओर देखने का दृष्टिकोण परिवर्तित हुआ ∣ 
लोगों ने उनके गीतों से जान की वास्तव में सुरीलापन क्या है, इसी के साथ हमें लय के भी प्रकार मालूम चले साधारण लोग ने भी इस फर्क को समझा ∣ 
आगे वो लिखते हैं कि अगर लता के गायन की सबसे बड़ी विशेषता है तो वो' गानपन ' ही है उनके गानों की एक ओर विशेषता है उनके स्वरों की निर्मलता ∣ 

लता के स्वरों में कोमलता और मुग्धता है में ऐसा अनुभव होता है कि लता का जीवन की ओर देखने का जो दृष्टिकोण है वही उसके गायन की निर्मलता में झलक रहा है  ∣ 
उनके गानों में विशेषकर करूण रस की प्रधानता मिलती है∣ 

इस लेख को हम जितना आगे पढ़ते जाते  हैं  उनके बारे में हम कुछ नया जानते हैं ∣
ऐसे कलाकार शताब्दियों में शायद एक ही पैदा होते हैं जो आज हमारे बीच में नहीं है ये हम सब एक दुर्भाग्य है ∣

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