आज लता मंगेशकर के जन्मदिवस पर गीतों की एक श्रृंखला
"लग जा गले कि फिर ये हसीन रात हो न हो
शायद फिर इस जनम में मुलाकात हो न हो
लग जा गले से.... "
जो प्रेम को श्रृंगार रस के साथ एक अलग रूप में प्रस्तुत करता है
तो वहीं जिंदगी के पड़ाव को बताते हुए
"एक प्यार का नगमा है
मौजों की रवानी है
जिंदगी और कुछ भी नहीं तेरी मेरी कहानी है,
कुछ पाकर खोना है
कुछ खोकर पाना है
जीवन का मतलब तो
आना और जाना है.'
तो वही देश प्रेम को समर्पित गीत में "
"ऐ मेरे वतन के लोगों
ज़रा आँख में भर लो पानी
जो शहीद हुए हैं उनकी
ज़रा याद करो क़ुरबानी"
ए मेरे वतन के लोगों " जो आज भी लोगों के आंखों में आंसू ला देता है.
"लता मंगेशकर के गीत गागर में सागर भरते है."
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