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ऐसा देश है मेरा





भारत एक ऐसा देश है ∣ जहाँ पर अनेक तरह की विविधता पायी जाती है ∣ जो एकता में अनेकता का हमें संदेश देता है ∣ जिसकी सबसे बड़ी खूबसूरती ये है कि वो एक लोकतंत्र वाला देश है ∣ साथ ही जहाँ पर सांस्कृतिक कलाकृतियों से लेकर भाषा बहुत ही समृद्ध है ∣ जिसमें संस्कृत की बात न की जाए तो जैसे बात अधूरी सी लगती है ∣

 तो वही भारत के सांस्कृतिक नृत्य का अपना ही बोला बाला है ∣ जहाँ पर तमिलनाडु से भरतनाट्यम् तो केरल से कथकली ने जन्म लिया है ∣

भारत का राष्ट्रीय चिन्ह जहाँ अशोक स्तम्भ तो वही पुष्प में कमल ने नाम कमाया है ∣ राष्ट्रीय पशु बाघ तो पक्षी में मोर का नाम आज भी आया है ∣ एक बार फिर भारत के राष्ट्रीय खेल हाॅकी ने अपना दबदबा बनाया है ∣

वो भारत जिसे किस किस ने नहीं लूटा जो थी' कभी सोने की चिड़िया' उसके सारे खजाने को मुगलों से लेकर अंग्रेजों ने लूटा 

 पर लूट न सके भारतीय संस्कृति जिसने अपनी एक अलग पहचान बनाई है ∣





जिसकी धरती में जन्म लिया गांधी से लेकर रवींद्र नाथ टेगौर ने जिन्होंने न केवल देश में बल्कि विदेशों में भी अपने नाम और देश का परचम लहराया है ∣

इतने आक्रमण के बावजूद भी नहीं टूट सकी भारतीय संस्कृति जिसने अनेक विविधता के बीच सबको एक तिरंगे के नीचे ला खड़ा किया है ∣ 

जिसका संविधान विश्व का सबसे बड़ा संविधान है ∣ जिसको बनाने की अवधि एक वर्ष से भी अधिक है ∣ जिसने दिया धर्मनिरपेक्षता से लेकर समाजवादी और सम्प्रभुता का सिद्धांत जिसने हर नागरिक को मौलिक अधिकार से लेकर मौलिक कर्तव्य  दिया है जिसके संविधान में हर देश के संविधान से कुछ लिया है ∣ अमेरिका से मौलिक अधिकार, न्यायिक समीक्षा तो आयरलैंड से राज्य के नीति निदेशक तत्व को अपने संविधान में समावेश किया है ∣

हालांकि इस संविधान की आलोचना भी की गयी है ∣ जिसमें कहाँ गया है कि ये 1935 के अधिनियम की कार्बन काॅपी है साथ ही ये गांधीवाद से बहुत दूर है जबकि गांधी भारत के राष्ट्रपिता है ∣

 किन्तु कहते हैं न अगर किसी चीज में कमी की जगह अच्छाइयां ज्यादा हो तो उसकी कमी को नहीं देखा जाता कुछ इस तरह से भारत का संविधान है ∣

जिसकी विशेषता यहां है  सार्वभौम वयस्क मताधिकार, एकल नागरिकता, स्वतंत्र निकाय, संसदीय संप्रभुता और न्यायिक सर्वोच्चता में सम्बन्ध, एकीकृत स्वंतत्र न्यायपालिका   है ∣

वो भारत जहाँ से निकला है योग और आध्यात्मिक अब तो कोरोना काल में भारत ने अपने अभिवादन करने का तरीका सबको सिखाया है ∣



 भारत की मिट्टी जहाँ से डाॅ ए. पी.जे अब्दुल कलाम तो मेजर ध्यानचंद ने जन्म लेकर इस धरती को एक अलग पहचान दिलाया है ∣



जहाँ महिलाओं को सशक्तिकरण की बात करती रानी लक्ष्मीबाई, तो अंवति बाई, अहिल्या ने महिलाओं की शिक्षा का मुद्दा उठाया है ∣



अब तो खेलों के क्षेत्र में भी है वो आगे मैरी काॅम,पी वी सिंधु, साईना नेहवाल और मीरा बाई चानू से लेकर लवलीना बोर्गोहैन तक ने ओलंपिक जैसे खेल में अपने खेल का प्रदर्शन खूब निभाया है ∣



तो वही ऑस्कर पुरस्कार जीतने वाली भानु अथैय्या ने हर भारतीय महिला का प्रतिनिधित्व बड़े अच्छे से किया है ∣

आज समकालीन समय में भारत एक महाशक्ति बनने के लिए तैयार हो गया है ∣ जिसके बनने का ख्वाब भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने पहले ही देख लिया था जिन्होंने निस्त्रीकरण से लेकर गुट निरपेक्षता, पंच शील का सिद्धांत दिया था ∣

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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..