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जिंदाबाद ऐ मोहब्बत जिंदाबाद






मोहब्बत  में एक आशिक का सफर क्या है? इसे जानने के लिए जरूर जानना चाहिए हिन्दी सिनेमा की उस शख्सियत के बारे में जिसने जिससे मोहब्बत की उसे अंत तक निभाया। 

 वो दिलीप कुमार जिसका दिल कभी धड़कता था, केवल मधुबाला के वास्ते पर अफ़सोस वो दोनों मिल न पाए किन्तु दोनों की मोहब्बत को देखने का अवसर हम सब को मुगले आजम से हुआ । जिसने कभी किसी से प्रेम  तो किया  किन्तु उसे उसकी मोहब्बत न मिल पायी केवल उसने उस पल को जीया  । दिलीप कुमार की मूवी की बात ह़ो या इनके गीत की उसमें उन्हें मोहब्बत का इजहार इस तरह से किया की आज भी कोई उसकी बराबरी न कर सका और उन्हें हर प्रेम करने वाले को इस गीत से स्वर दिया ' जिंदाबाद जिंदाबाद मोहब्बत जिंदाबाद'।

तो दूसरी ओर जिंदगी में अनिश्चितता कितनी है। उसे स्वर उनके गीत "सुहाना सफर और ये मौसम वही हमें डर है हम खो न जाए कही " दिया जिसका सफर आज सच में जिंदगी से हो गया खत्म जिसने हर प्रेमी को एक नया सफर दिया ।

Comments

Sneha yadav said…
ये इश्क भी न....
हर किसी को नसीब नहीं होता

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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..