मोहब्बत में एक आशिक का सफर क्या है? इसे जानने के लिए जरूर जानना चाहिए हिन्दी सिनेमा की उस शख्सियत के बारे में जिसने जिससे मोहब्बत की उसे अंत तक निभाया।
वो दिलीप कुमार जिसका दिल कभी धड़कता था, केवल मधुबाला के वास्ते पर अफ़सोस वो दोनों मिल न पाए किन्तु दोनों की मोहब्बत को देखने का अवसर हम सब को मुगले आजम से हुआ । जिसने कभी किसी से प्रेम तो किया किन्तु उसे उसकी मोहब्बत न मिल पायी केवल उसने उस पल को जीया । दिलीप कुमार की मूवी की बात ह़ो या इनके गीत की उसमें उन्हें मोहब्बत का इजहार इस तरह से किया की आज भी कोई उसकी बराबरी न कर सका और उन्हें हर प्रेम करने वाले को इस गीत से स्वर दिया ' जिंदाबाद जिंदाबाद मोहब्बत जिंदाबाद'।
तो दूसरी ओर जिंदगी में अनिश्चितता कितनी है। उसे स्वर उनके गीत "सुहाना सफर और ये मौसम वही हमें डर है हम खो न जाए कही " दिया जिसका सफर आज सच में जिंदगी से हो गया खत्म जिसने हर प्रेमी को एक नया सफर दिया ।


Comments