Skip to main content

चोट लगे


अक्सर हम सब की जिंदगी में एक घटना बहुत सामान्य सी होती है जो हमें लगती तो बहुत बुरी है किन्तु सुधार करने पर वही हमारे लिए वरदान बन जाती है.

हमारी जिंदगी में कोई न कोई ऐसा शक्स जरूर होता है जो हमारी छोटी छोटी गलतियों पर हमें टोकता है और कहता है कि ये तुम से नहीं होगा उस समय हमें वो इंसान बहुत बुरा लगता है क्योंकि उसने हमारी बुराई की हमारा अपमान किया किन्तु जब उन गलतियों को करना हम बंद कर देते हैं और हम काम में सुधार कर लेते हैं तब हमें उस इंसान के द्वारा किए गए अपमान की याद नहीं आती बल्कि हमें ये खुशी होती है कि हम ने उसकी बात को सुना और खुद में सुधार किया.

" याद रखिये मेरी बात का झूठी तारीफ से अच्छा सच्चे दिल से की गया अपमान काम आता है जो हमें बेहतर काम करने को मजबूर कर देता है "

पत्थर उसी पर पड़ता है जिस पर फल लगता है लोग भी उनकी बुराई करते हैं जो कुछ कर रहे हो . 

जिंदगी में क ई चोटे लगती है ये हम पर निर्भर करता है हम उसे किस तरह लेते हैं.

* कोशिश कीजिये काम कीजिये दूसरे को दोष देना छोडिये भाई साहब दुनिया उसी की है जिसने दूसरों की आलोचना  को खुद की ताकत बनाया है*

अगली बार चोट लगे तो रोने से पहले थोड़ा रूककर ये सोचिएगा  

" कड़वा लेकिन सच है कड़वी बाते भले दिल को चुभती है किन्तु वो हमारे लिए वो होती है जो हमें बेहतर करने को विवश करती है."

Comments

Popular posts from this blog

Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..