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आज के बदलते परिदृश्य में

 

आज क्या हमारे सोचने के तरीके में बदलाव आया.

आज जहाँ एक ओर हम नयी चीजों को जानने समझने की दौड़ में  लगे हुए है तो वही दूसरी ओर हम खुद को पीछे छोड़ते जा रहे हैं.

आज हम सब  के लिए 'चलती का नाम जिंदगी'  कुछ अलग ही हो गया है.

इसे हम ऐसे समझ सकते हैं कि भले ही बचपन में हमने कुछ सपने देखे हो कि हम ये बनेगे ,हम वो बनेगे किन्तु आज हम एक दूसरी ही दृष्टि से दुनिया को देख रहे हैं जहाँ केवल हमें पैसे और  चमक दिखाई दे रही है.

लेकिन इस चमक भरी दुनिया में जाने से पहले हम सब को  ये जरूर सोचना चाहिए कि 'चांद पर भी  ग्रहण लगता है' फिर हम क्या चीज है.

आज हमें अपने उन सपनों को पूरा करने की जरूरत है जो हमें सच में खुशी और चैन देता हो क्योंकि दिखावे कि जिंदगी दो दिन ही अच्छी लगती है 'दोस्तों दूर के ढोल बड़े सुहाने लगते' हैं लेकिन जब वो हमारे पास बजाए जाते हैं तो हमारे कान में दर्द होने लगता है और हमें वो अच्छा नहीं लगता.

Comments

Poornima said…
Absolutely right 👍👍👍

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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..