'न्याय ' सब के लिए समान है लेकिन बहुत कम ही जगह ये देखा जाता है कि जब दोस्त ही आपका न्याय करने वाला हो .
" प्रेमचंद की पंच परमेश्वर जुम्मन की कहानी में हम सब को यही संदेश मिलता है कि "न्याय सबसे ऊपर है जब व्यक्ति न्याय करने के पद पर हो तो उसे कोई दोस्त या दुश्मन नहीं दिखता बल्कि केवल न्याय ही दिखाई देता है."
प्रेमचंद की कहानी पंच परमेश्वर में भी यही होता है जब जुम्मन शेख के मामले में उसके मित्र
पलगू को पंच परमेश्वर बनाया जाता है
पहले तो वो इसके लिए राजी नही होता लेकिन बाद में उसे एहसास होता है कि पंच सबसे ऊपर होते हैं उसके लिए कोई दोस्त या दुश्मन नहीं होते हैं वो गलत को गलत और सही को सही कहता हैं.
आज समकालीन समय जब
दोस्ती के आगे झूठ और सच सब बराबर है तब सच को आंच न आने दी जाएं ये हम सबके के लिए बहुत जरूरी है.
"Truth fear no examination"
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