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दोस्ती से भी बढ़कर है ईमान पंच परमेश्वर

 'न्याय ' सब के लिए समान  है लेकिन बहुत कम ही जगह ये देखा जाता है कि जब दोस्त ही आपका न्याय करने वाला हो .

" प्रेमचंद की पंच परमेश्वर जुम्मन की कहानी में हम सब को यही संदेश मिलता है कि "न्याय सबसे ऊपर है जब व्यक्ति न्याय करने के पद पर हो तो उसे कोई दोस्त या दुश्मन नहीं दिखता बल्कि केवल न्याय ही दिखाई देता है."

प्रेमचंद की कहानी पंच परमेश्वर में भी यही होता है जब जुम्मन शेख  के मामले  में उसके मित्र

पलगू को पंच परमेश्वर बनाया जाता है

  पहले तो वो इसके लिए राजी नही होता  लेकिन बाद में  उसे एहसास होता है कि पंच सबसे ऊपर होते हैं उसके लिए कोई दोस्त या दुश्मन नहीं होते हैं वो गलत को गलत और सही को सही कहता हैं.

आज समकालीन समय जब

दोस्ती के आगे झूठ और  सच सब बराबर है तब  सच को आंच न आने दी जाएं ये हम सबके के लिए बहुत जरूरी है.

"Truth fear no examination"

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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..