कभी कभी अपने आप की भी सुन लेनी चाहिये।
ज्यादा तेज मत चलो और ज्यादा धीरे भी मत चलो एक गति से चलो ।
इम्तिहान से पहले भी जीवन में कई इम्तिहान देना पड़ता है।
इम्तिहान देने से भी ज्यादा मुश्किल उसके परिणाम के लिये राह देखना होता ।
दिखावे से भी ज्यादा अच्छा सादगी में जीवन जीना होता है।
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