कभी कभी अपने आप की भी सुन लेनी चाहिये।
ज्यादा तेज मत चलो और ज्यादा धीरे भी मत चलो एक गति से चलो ।
इम्तिहान से पहले भी जीवन में कई इम्तिहान देना पड़ता है।
इम्तिहान देने से भी ज्यादा मुश्किल उसके परिणाम के लिये राह देखना होता ।
दिखावे से भी ज्यादा अच्छा सादगी में जीवन जीना होता है।
कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है। आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो।
Comments