भोपाल। दुनियाभर में 3 मई को अंतर्राष्ट्रीय प्रेस स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है। जिसका उद्देश्य लोगों को प्रेस के महत्व को बताना उसके लिए जागरूक करना है। जो आज भी लोगों के लिए जनहित की पत्रकारिता कर रहे है। अपनी जान जोखिम में डाल दिनभर खबरों को जुटाने का काम कर रहे है। बता ये दिन ऐसे सभी पत्रकारों मीडिया जगत के अधिकारों के लिए बात करता है। जो जनता से सरोकर रखती पत्रकारिता को करते है।
जानें क्यों मनाया जाता है वर्ल्ड प्रेस स्वतंत्रता दिवस
अगर हम विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस की बात करें तो सबसे पहले इसकी शुरूआत यूनेस्को के एक सम्मेलन में हुई थी। जहां पर विंडहोक घोषणा तैयार की गई थी। जिसके मुताबिक विश्वभर में निष्पक्ष पत्रकारिता करने वाले की रक्षा करना अभिव्यक्ति की आजादी का हर हाल में समर्थन करना था। जिसको लेकर संयुक्त राष्ट्र ने विश्व प्रेस दिवस मनाने की घोषणा की थी।
2026 में डिजिटल बनाम तकनीक बनी चुनौती
बता दें कि जहां आज इंटरनेट ने हमारे जीवन को आसान कर दिया है। डिजिटल होती चीजें ने लोगों का जीवन आसान कर दिया है। वहीं दूसरी तरफ डिजिटल के चलते परेशानियां भी कई उपजी है। जिसके चलते फेक न्यूज का कहर बरस रहा है। जहां सबसे बड़ी चुनौती फेक न्यूज को लोगों तक पहुंचाने से रोकना है। लोगों को विश्वसनीय पत्रकारिता से जोड़कर रखना है। इसके अलावा आज सेंसरशिप के जरिए पत्रकारिता को करने से रोका जा रहा है। जिसके खिलाफ हम सबको एक जुट होकर काम करना है।
प्रेस को कहा जाता है लोकतंत्र का चौथा स्तंभ
प्रेस को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहा जाता है । जिसके जरिए वो लोगों को सूचना देने का काम करता है। जहां हम प्रेस को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहते है। तब हमें ये ध्यान रखना चाहिए कि मीडिया का काम सिर्फ खबरों को देना नहीं बल्कि लोगों के प्रति जवाबदेही, न्याय का जरिया, लोगों को जागरूक करने का माध्यम बनना है। जो लोगों को खबरों के जरिए जागरूक कर सके। लोगों को आने वाली परेशानियों के प्रति जागरूक कर सके।

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