लंबी बहसों के बाद आखिरकार कल देश में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पेश किया जाने वाला है जिसके बाद देश की महिलाओं को राज्य विधानसभा, लोकसभा और राज्यसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण मिलने वाला है। जिसका विरोध से ज्यादा समर्थन करने की जरूरत है जहां देश में लोकसभा में मात्र 74 राज्यसभा में मात्र 24 महिलाओं का प्रतिनिधित्व हो ऐसे में महिला आरक्षण की जरूरत तो बनती ही क्योंकि जब बात आधी आबादी की हो तो उनका उचित प्रतिनिधित्व तो बनता है जो उन्हें उचित प्रतिनिधित्व दे सके।
कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है। आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो।
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