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Supreme Court of India: नौकरानी नहीं जीवनसाथी चुने: सुप्रीम कोर्ट



शादी करके कुछ अच्छा हो या न हो लेकिन इसके जरिए एक पढ़ी लिखी नौकरानी तो मिल जाती है। ये सोच रखने वाले हमारे चारों तरफ अनगिनत लोग मिल जाएंगे। जिनका मानना है कि शादी करके सबसे बड़ा फायदा एक नौकरानी को घर पर लाना है ‌। जो बदले में क्या मांगेंगी थोड़ा बहुत पैसा। इसके बदले वो आपके घर का सारा काम करेगी।
ऐसी सोच पर ही कड़ा प्रहार करता सुप्रीम कोर्ट का वो आदेश है जिसमें उसने कहा है कि आज का समय बदल गया है आज महिलाएं पुरुषों के साथ मिलकर न सिर्फ सामाजिक बल्कि आर्थिक रूप से भी सहयोग कर रही है। ऐसे में घर का सारा काम उस महिला के जिम्मे नहीं डाल सकते हैं। बदलते समय के साथ जरूरी है कि पुरुष भी महिलाओं के साथ घर का काम करावाएं।
इस बीच कोर्ट ने एक अहम टिप्पणी और भी की है कि किसी महिला को ये कहकर डिवोर्स नहीं दिया जा सकता कि वो घर के काम नहीं करती तो उसे डिवोर्स दे दिया जाएं।
आज के समय में जब महिला दोहरी जिम्मेदारी निभा रही हैं जहां वो घर और ऑफिस दोनों की जिम्मेदारी निभा रही हैं ऐसे में जरूरी है कि पुरुष भी उनका हाथ बटाएं। उनका सहयोग करें। ये आदेश आने वाले समय में पितृसत्तात्मक सोच को भी काफी हद तक खत्म करने की कोशिश करेगा जिसमें उसने महिलाओं को घर के काम तक सीमित कर दिया है।


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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..