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Iran war: ईरान पर वार दुनिया पर प्रहार




क्या दुनिया में गहरा सकता है संकट 
क्या धीमे पड़ सकते है तेल गैस के बाजार 
होर्मुज को लेकर क्यों बढ़ रही है चिंता


संचार यू तो संवाद करने का सबसे सशक्त माध्यम माना जाता है.. जो काम अस्त्र से नहीं उसे संचार के जरिए किया जा सकता है.. इसके बावजूद क्यों दुनिया आज संचार की जगह हथियार का सहारा ले रही है....


दुनिया अभी कोरोना वायरस के बाद कुछ संभाली ही थी... रूस यूक्रेन के युद्ध पर विराम लगा ही था.. कि दुनिया में तीसरे विश्व युद्ध का आगाज हो गया. ईरान पर अमेरिका, इजराइल ने हमला कर दिया.. जिस हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गयी.. जिसने ईरान को न भूलने वाला जख्म दे दिया..


फिर शुरू हुई न खत्म होने वाली जंग जिसे शुरू हुए एक महीने से ज्यादा का वक्त हो गया है.. लेकिन ये नहीं कहा जा सकता कि युद्ध कब खत्म होगा... जिसका असर पूरी दुनिया में देखा जा रहा है.. जहां भले ही औपाचारिक तौर पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ये कह रहे हो कि हम युद्ध नहीं चाहते है.. लेकिन सच्चाई तो यही है। हे कि प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप से से युद्ध को वित्तपोषित किया जा रहा है....


 इस सब के बीच एक मात्र समुद्री मार्ग होर्मुज जहां से तेल और गैस भेजा जाता है.. जिस स्थान को लेकर ईरान अपना दावा करता है. ऐसे में ईरान के द्वारा इस मार्ग पर हमले करने की धमकी देना पूरी दुनिया को तेल गैस के संकट की ओर ले जाता है... जिसका ट्रेलर कहीं न कहीं भारत देख चुका है. जहां अफवाहें ही सही लेकिन उन अफवाहों के कारण लोगों को पेट्रोल डीजल की किल्लत का सामना करना पड़ा.. एलपीजी सिलेंडर के लिए लंबी लाइनें लगानी पड़ी....

 आने वाले समय में ये युद्ध कितना समय तक चलेगा.. ये तो समय के गर्भ में है.. लेकिन इसका असर दुनिया पर लंबे वक्त तक रहने वाला है.. 

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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..