makar sankranti poem in hindi




अपने हाथों की डोर अपने हाथ हो इसके लिए 
थोड़ा सोचना तुम्हें कम
काम ज्यादा करना होगा 
ताकि तुम अपनी पतंग खुद उड़ा सको ।

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