सबकुछ एक दिन में नहीं मिलता



आज का समय कुछ बदला सा है 
जहां हर कोई आगे केवल तुम्हारा अतीत पीछे खड़ा है
जहां सबकुछ चल रहा तेजी से 
केवल तुम और तुम्हारा अतीत पीछे खड़ा है इसके बावजूद तुम जब आगे बढ़ोगे 
कई दफा लगेगा कि केवल तुम पीछे बाकी सब धीरे धीरे चल रहा है 
जहां सबकुछ तुम्हारे विपरीत चल रहा है इसके बावजूद जब तुम बिना थके चलते जाओगे 
बिना रूके बढ़ते जाओगे 
तुम्हें क ई बार लगेगा कि तुम सिर्फ अकेले खड़े हो।
तुम परेशान मत होना क्योंकि 
सबको एक दिन में कुछ नहीं मिलता ‌।




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