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year ender 2025: साल 2025 अलविदा कहने से पहले




कहने के लिए जैसे आज की तो बात है। कि साल 2025 में हमने प्रवेश किया । नए साल की हमने एक दूसरे को बधाई दी। और आज हम 2026 को वेलकम करने की तैयारी में है। लेकिन क्या ये साल इतने जल्दी बीत
गया.. जितना कि हम बोल रहे है।
नहीं, इस साल ने हमें ऐसा बहुत कुछ दिया और हमसे बहुत कुछ ऐसा लिया । जो चाहकर भी हम कभी फिर वापस नहीं पाएगे। तो चलिए आज हम उन 2025 की उन चीजों को एक बार देखते है। जो साल के साथ फिर कभी वापस नहीं आएगा।

समय

अरे मेरे पास इस चीज के लिए अभी समय नहीं है। मेरे पास आज टाइम नहीं है। आज में थोड़ा बिजी हूं। ये कहते कहते ये साल भी चला गया। और हमें दे गया.. खेद की हमने इस साल ये नहीं किया।

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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..