Today Thought in Hindi


सब कहीं न कहीं किसी न‌ किसी की हाथ की कठपुतली है बस हम सब को वहम ये है कि हम अपनी डोर खुद पकड़े है।
एक समय के बाद हम जिंदगी के उस मोड़ पर खड़े होते हैं जहां कब हमें अपनी जिंदगी का जरूरी फैसला लेना पड़ता है हमें ही नहीं पता होता है।
सबकी जिंदगी में कुछ ऐसा है जो केवल वो जानता है जिसे केवल वो भोग रहा है लोगों को तो केवल उसका जीवन अच्छा ही नजर आता है।

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