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Pagglait Review: महिलाओं की आजादी पर जोर देती पगलेट मूवी





पगलेट मूवी एक ऐसी लड़की की कहानी है जिसमें शादी के पांच महीने बाद ही उसके पति की मौत हो जाती है। वो अपने पति को जान पाती इससे पहले ही उसका पति स्वर्ग सिधार जाता है। ऐसे में संध्या किस तरह से जीने का सहारा ढूढ़ती है। सही गलत में फर्क समझती है यहीं इस फिल्म में दिखाया गया है ।
इस फिल्म के कुछ डॉयलॉग जो काफी हद तक सच्चाई को बयां करते हैं जैसे जब लड़कियों को अक्ल आती है तब लोग उन्हें पगलेट ही बुलाते हैं 
अगर हम अपने निर्णय खुद नहीं लेंगे तो लोग हमारे बारे में निर्णय ले लेंगे।
इस फिल्म को देखने की वजह इस फिल्म का नाम ही है पगलेट 
जिसे देखकर हम जानेंगे कि वास्तव में एक लड़की का अपने लिए पगलेट होना क्यों जरूरी है। जिससे वो अपने बारे में जान सके। खुद वो क्या चाहती है इसको समझ सके उसके मुताबिक काम कर सके।

इस फिल्म में मुख्य किरदार की भूमिका निभा रही सान्या मल्होत्रा की एक्टिंग काबिलय तारीफ है जिनकी शानदार एक्टिंग फिल्म में एक अलग ही जोश भरती है।

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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..