life poem in hindi

सिर्फ किताब नहीं
अनुभव भी बहुत कुछ सीखता है
क्या तुम्हारा क्या पराया इसमें करीब से फर्क बताता है
जो हर राह पर तुम्हें आईना दिखाता है
सिर्फ किताब नहीं अनुभव भी तुम्हें बहुत कुछ सीखता है
सही गलत में फर्क बताता है । 

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