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kathal movie review

मनोरंजन के साथ एक गहरा संदेश दे जाती है 'कटहल' मूवी



मनोरंजन के साथ एक गहरा संदेश दे जाती है कटहल मूवी।जो अपने नाम को पूरी तरह से परिभाषित करती है। कटहल की चोरी से शुरू हुई पुलिस की इन्वेस्टिगेशन एक बेहद की गंभीर विषय को उठाते हुए मीडिया और पुलिस को एक अच्छा संदेश दे जाती है।जो अक्सर वास्तविक मुद्दों को छोड़ ऐसे विषयों पर काम करती है जिसका जनता से  दूर दूर तक कोई सरोकार ही नहीं है।

फिल्म की पटकथा काफी बेजोड़ है जो हास्य के साथ समाज की बुराई दिखाती है जो कभी समाज के बनाए हुए नियमों पर तंज कसती है।तो कभी हम सब से सबसे सवाल करती है। जिसे देखते हुए हम कहीं भी बोर नहीं होंगे।

अगर आप कुछ नया देखना चाहते हैं जो‌ आपको मनोरंजन के साथ कुछ बेहतर सिखाएं।तो कटहल मूवी जरूर देखी जानी चाहिए।

अगर फिल्म के डायरेक्शन की बात करें तो वो भी बेहतरीन है जिसे यशोवर्धन मिश्रा ने डायरेक्ट किया है जिसमें सान्या मल्होत्रा महिमा पुलिस लेडी का मुख्य किरदार निभाया है तो वहीं राजपाल यादव ने पत्रकार का किरदार निभाया है जिनकी बेहतरीन अदाकारा ने फिल्म में चार चांद लगाया है।

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कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

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