best version of yourself




2 जी से 5 जी में प्रवेश कर इंसान आज किसी चीज का भूखा है..तो वो है.. कम समय में उपलब्धि.. कम समय में दुनिया को अपना फैन बना देना..लेकिन ऐसा करना इतना भी आसान नहींं..जितना की हमें लग रहा है..

जिसकी पहली शर्त ही खुद को भूलकर एक ऐसा काम में  लग जाना है.जिसमें या तो वो जीतेगा या तो वो हारेगा..इसके बावजूद उसे खुद को कम नहीं आंकना है..उसे अपना बेस्ट से बेस्ट वर्जन देना है..
ये तब ही संभव होगा..जब वो खुद को मैं से निकलकर देखेगा..वो क्या कर सकता है..उसे ज्यादा उसके जीवन में कितनी संभावनाएं है उसे ये देखना होगा..फिर चाहे इसके लिए उसे थोड़ा शारीरिक कष्ट क्यों न उठाना हो..

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