इतनी भी आसान नहीं ये दो कौड़ी की नौकरी करना जहां काम कोई नहीं सिर्फ गलतियां देखी जाती है। जहां कई बार मन न हो तब भी इसलिए काम करना पड़ता है कि कोई सैलरी न काटे
जहां कई बार बिना गलती के भी लोगों की बातें सुननी पड़ती है। इतनी भी आसान नहीं ये दो कौड़ी की नौकरी करना जिसे करते इंसान ये भूल ही जाता है कि उसकी अपनी भी कोई जिंदगी है।
Comments