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Prejudice against women

 


खबर से लेकर समाज में उसके लिए इतने पूर्वोग्रह क्यों

कहते हैं इस संसार को चलाने के लिए स्त्री पुरुष का साथ होना जरूरी है
फिर स्त्री के लिए हर चीज में इतना पूर्वोग्रह क्यों
भागते दोनों है अपने सपनों के साथ 
पर सिर्फ लड़की भागी
लड़का बहू लेकर आया है ऐसा कहते क्यों
लड़की सोनम, हो या श्रद्धा अर्चना उनकी खबरों को प्रमुखता
बाकी हर दिन मौत के घाट उतार दी जाती स्त्री पर आखिर मौन क्यों
और पढ़ाओं लड़कियों को
तो वो तो हाथ से निकल जाएगी
पर लड़के अपनी हर ख्वाहिश पूरी करें इसलिए उनका हाथ से निकल जाना सही क्यों
क्यों सिर्फ एक पक्ष पर सवाल दूसरे पक्ष पर सिर्फ मौन क्यों। 

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Today Thought

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हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..