किसी भी मजबूत व्यक्तित्व का निर्माण ऐसे ही नहीं होता है उसके लिए उसके लिए उसे काफी ज्यादा संघर्ष करना होता है।
सच हमेशा कड़वा होता है ये हम पर निर्भर करता है कि हम उसे कैसे लेते हैं।
सबकुछ तो है आज हमारे पास
सिवाए उस सुकून और संतोष के जिसकी तलाश में इंसान अपनी जिन्दगी निकाल देता है।
जहां इंसान को कितना भी मिल जाए उसे कम ही लगता है।
Comments