guru purnima poem in hindi


गुरु वो जो खुद पर गुरूर करना सीखाए
जो खुद को चुनौतियों से लड़ना सीखाए
जो हर परिस्थितियों के लिए तुम्हें मजबूत बनाए
वो हर शख्स गुरु ही तो है
जो तुम्हें आज से अब बेहतर 
बनाएं। 

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