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बारिश का कहर



बारिश मतलब बाढ़, जलभराव जैसी समस्या। जो हम आए दिन देखते हैं। अभी बारिश को थोड़ा ही वक्त हुआ है। और सड़कों पर जलभराव की समस्या ने जन्म ले लिया है। जिसके चलते लोगों की समस्या बढ़ गयी है। 
कहीं नदी नाले उफान पर आ गए हैं । तो कही बाढ़ ने सबकुछ तहस नहस कर दिया है।  
जो सरकार के तमाम दावों की पोल खोलती है। जिनके दम पर वो जनता के दिल पर राज करना चाहती है। पर अफसोस जनता उस विषय को कभी असल मुद्दा बना ही नहीं पाती है। वो धर्म और जाति के नाम पर वोट देखकर खुद सच्चा देशभक्त समझने लगती है। 



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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..