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World Environment Day 2025: वरदान से अभिशाप तक प्लास्टिक की कहानी



प्लास्टिक सस्ता, सुंदर और टिकाऊ। जो लंबे समय तक चलता है। और सस्ते में बड़ी सहजता से इसे पाया जा सकता है। शायद यहीं कारण है कि इसके टिकाऊपन के चलते हमें इसके दुष्प्रभाव नहीं दिखते। 

कहते हैं परिवर्तन संसार का नियम है लेकिन ऐसा परिवर्तन किस काम का। जो हमें विकास से विनाश की ओर ले जाता हो। जिसके चलते हमें परेशानी का सामना करना पड़ता हो। जो आज हमारे खाने की थाली तक पहुंच गया है। 

प्लास्टिक आज न केवल राष्ट्रीय बल्कि अंतर्राष्ट्रीय परेशानी बन चुका है। जिसका अगर समय रहते त्याग नहीं किया तो वो दिन दूर नहीं जब हमें इसका बड़ा खमियाजा भुगतान पड़ेगा। 
इसलिए अभी भी देर नहीं हुई हमें प्लास्टिक का उत्पादन घटाने पर जोर देना होगा।
 सिगल यूज प्लास्टिक पर पूर्णता प्रतिबंध घोषित करना होगा । जिसके लिए जरूरी है प्लास्टिक की जगह पर्यावरण के अनुकूल बैग आए। जिसके लिए जरूरी है कि उनका दाम कम हो जिसे लेने के लिए लोगों को अपनी जेब न देखनी पड़े। इसके लिए सरकार से लेकर लोगों को काम करने की जरूरत है। 

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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..