तुम लड़की हो न दोष तुम्हारा ही है कि तुम उसके साथ गयी थी। हमारे समाज में कहीं जाने वाली ये लाईन जैसे महिला के साथ हुए हर कृत्य को महिला की गलती के नाम पर ढक लेती है। जहां एक महिला की इज्जत के साथ खेलने वाले की नहीं बल्कि उस महिला की इज्जत चली जाती है जिसके साथ ये सारी घटना हुई है।
अफ़सोस समाज पुरूषों की गलतियों ये कहकर ढक लेते हैं कि गलती हो गयी वो महिला के साथ हुआ जघन्य अपराधों पर भी ऐसे चुप्पी साधे रहते हैं जैसे कुछ हुआ ही नहीं। जिस विषय पर बात करने की जरूरत है कहीं ऐसा न की देर हो जाएं।
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