mother's day poem in hindi


क्या लिखूं मां तेरे लिए
क्या लिखूं
जो कुछ भी कहने से पहले समझ जाती है
हमारे लिए कितना कुछ सह जाती है
जिसके लिए हमारी खुशी से बढ़कर नहीं होती कोई खुशी
जो बहुत कुछ हमें सीखा जाती है
जब जब गलती करते हैं हम
तब हमें सीख दे जाती है माँ 
उसके लिए जितना कहो 
सबकुछ कम ही है
जो हमारे लिए अपनी सारी खुशी न्यौछावर कर जाती है। 

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