आज के समय में सच इंसान खोजना उतना ही मुश्किल है जितना शुद्ध हवा खोजना हैं। जहां पर कोई भी रियल नहीं है। हर किसी के चेहरे के पीछे क ई तरह के चेहरे है। ऐसे वक्त में अपने अंदर की अच्छाई को बचाकर रखना वाकई मुश्किल भरा काम है। जहां हर कोई किसी दूसरे का शोषण करने का तैयार है।
कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है। आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो।
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