जम्मू कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले की जितनी निंदा की जाए कम है जिसने 28 लोगों की जान तो ली। साथ ही देश भर में एक भर फिर आतंकवाद का कायरता पूर्ण रूप दिखा दिया । जिसने धर्म के नाम नफरत फैलाने का नाम किया। जिस पर एक्शन लिया जाना चाहिए। इसके अलावा जिम्मेदार अफसर, सरकार सुरक्षा व्यवस्था की देखरेख कर रहे लोगों से भी सवाल पूछा जाना चाहिए। कि आखिर वो उस समय कहां थे। क्योंकि प्रश्न अब राजनीति से ज्यादा लोगों की सुरक्षा का है।
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