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Do Badan Movie Review

प्यार को अलग नजरिये से देखती 'दो बदन' मूवी


आज देश के एक महान सपूत निर्दैशक मनोज कुमार का निधन हो गया है। जिससे पूरे देश में शोक की लहर है। 

देशभक्ति‌ फिल्मों के लिए जाने वाले मनोज कुमार की दो बदन‌ मूवी आज के समय में काफी ज्यादा महत्व रखती है । जो प्यार को एक अलग ढंग से बताती है। जो मोहब्बत का असली अर्थ बताता है जो मांग करता है त्याग की। इस मूवी की कहानी विकास जैसे न जाने कितने लड़कों की कहानी है जो गरीबी के चलते मोहब्बत नहीं कर पाते हैं और अगर गलती से कर भी ले तो उसकी कीमत उन्हें अदा करनी होती है। 

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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..