'जल है तो कल है', 'जल ही जीवन है' जैसे तमाम नारों के बावजूद आज देश में पानी की विकट समस्या पैदा हो गयी है। जो गर्मी के मौसम में मालूम चलती है। जब पानी की पाइप लाइन में सुधार के चलते नल नहीं आते। हैंडपंप बंद हो जाते हैं। बोरा सूख जाती है। उस समय हमें पानी की याद आती है।
आज देश में जितना पानी की किल्लत है उतनी किसी और की नहीं। लेकिन इसे समय की विडम्बना कहे या कसूर लेकिन एक तरफ लोग जरूरत से ज्यादा पानी का इस्तेमाल कर रहे हैं। दूसरी तरफ लोग मील दूर से पानी लाने को मजबूर है। जो पानी की एक एक बूंद के लिए संघर्ष कर रहे हैं ।
ऐसे में आज समय की ये मांग हो चुकी है कि हम पानी का सोच समझकर उपयोग करें। कहीं ऐसा न हो जाएं की पानी की कीमत हमें उसके खोने के बाद मालूम चले

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