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World Water Day: पानी बिन सब सून





'जल है तो कल है', 'जल ही जीवन है' जैसे तमाम नारों के बावजूद आज देश में पानी की विकट समस्या पैदा हो गयी है‌। जो गर्मी के मौसम में मालूम चलती है। जब पानी की पाइप लाइन में सुधार के चलते नल नहीं आते। हैंडपंप बंद हो जाते हैं। बोरा सूख जाती है। उस समय हमें पानी की याद आती है। 
आज देश में जितना पानी की किल्लत है उतनी किसी और की नहीं। लेकिन इसे समय की विडम्बना कहे या कसूर लेकिन एक तरफ लोग जरूरत से ज्यादा पानी का इस्तेमाल कर रहे हैं। दूसरी तरफ लोग मील दूर से पानी लाने को मजबूर है। जो पानी की एक एक बूंद के लिए संघर्ष कर रहे हैं । 
ऐसे में आज समय की ये मांग हो चुकी है कि हम पानी का सोच समझकर उपयोग करें। कहीं ऐसा न हो जाएं की पानी की कीमत हमें उसके खोने के बाद मालूम चले‌


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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..