women's day poem in hindi


 क्या लिखूं उस पर
जिस पर सबने सब कुछ लिखा
किसी ने अच्छा किसी ने बुरा लिखा
क्या लिखूं उस पर जिस पर सब ने हर कुछ लिखा
बस नहीं लिखा उसका संघर्ष जो वो हर दिन करती है
न जाने क्या क्या सहती है। 

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