क्या जमाना आ गया है जहां अपना हक मांगना भी लोगों को हमारा चतुर नजर आता है। जब तक चुप रहे कुछ न बोलो तो हम सही है। जहां हमारा बोलना सबको गलत नजर आता है। कैसे कहे उनसे कितना कुछ सहकर भी अब शांत रहने लगे। चतुर नहीं लोगों को देख अब हम थोड़ा समझदार होने लगे हैं।
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