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life poem in hindi: तुम सबके लिए अच्छी नहीं हो सकती

तुम सबके लिए अच्छी नहीं हो सकती
तुम कभी परफेक्ट नहीं हो सकती
किसी के लिए अच्छी किसी के लिए बुरी हो सकती
किसी के लिए तोड़ी मोटी, किसी के लिए थोड़ी पतली
लेकिन तुम्हें अपने लिए बेहतर होना होगा।
चाहे लोग कुछ भी कहें लेकिन तुम्हें बेहतर बनना होगा
जहां तुम्हारी जिम्मेदारी सबको संभालने से ज्यादा 
खुद को बेहतर बनाने की होगी
जहां लोग कुछ भी कहें पर तुम्हें खुद के लिए लड़ना होगा
जहां कई बार कुछ लोग तुम पर पर सवाल उठाएगें
तुम्हारी कमियां बताएंगे 
पर तुम्हें चलते रहना होगा
तुम किसी  के लिए परफेक्ट नहीं हो सकती 
किन्तु तुम्हें चलते रहना होगा।

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