Skip to main content

International Women's Day 2025 जब बात बराबरी की हो












हर साल 8 मार्च को 'अंतराष्ट्रीय महिला दिवस ' मनाया जाता है। इस दिवस को मनाने की परिकल्पना सबसे पहले क्लारा जे़टकिन ने की थी । इसके लिए साल 1910 में डेनमॉर्क की राजधानी कोपेनहेगन में कामकाजी महिलाओं ने एक अंतराष्ट्रीय कान्प्रेंस के बीच अंतराष्ट्रीय महिला दिवस मनाने का सुझाव दिया था। इस सुझाव पर कॉन्प्रेंस में मौजूद 17 देशों की 100 से ज्यादा महिलाओं ने समर्थन किया था। इसके बाद 1911 में पहली बार अंतराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया था।तब से हर साल 8 मार्च को अंतराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है। इस दिवस को मनाने का कारण महिलाओं को समानता का अधिकार दिलाना  है। साथ ही उन्हें सशक्त बनाना  है।


Comments

Popular posts from this blog

Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..