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India vs Australia: भारत ने ऑस्ट्रेलिया से लिया हार का बदला




वर्ल्ड कप में मिली हार के बाद आखिरकार भारत ने ऑस्ट्रेलिया से बदल ले लिया है..और उसे ICC चैपियन टॉफी में हारा दिया है...जिसका श्रेय विराट कोहली, केएल राहुल और हार्दिक पांडेय को जाता है..जिनकी शानदार बैटिंग ने भारत को जीत दिलायी है..अगर इस पूरे मैच को हम गौर से देखें तो भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच मैच शुरू से ही काफी दिलचस्प रहा ..

दुबई में दुबई के स्टेडियम पर एक तरफ भारत अपने लक्ष्य का पीछा कर रहा था..दूसरी तरफ रन के पहुंच के बीच विक्रेट होना..किसी खिलाड़ी का आउट होना दर्शकों के दिल के धड़कने बढ़ा रहा था....खेल एक बेहद ही दिलचस्प मोड़ पर आ गया ..जहां 77 रन और 77 ओवर के साथ खेल चल रहा था..हर एक गेंद के साथ एक रन बनाना जरूरी हो गया था...

इसी बीच खेल एक अलग मोड़ पर आ गया ..जहां 40 ओवर के साथ भारत ने 200 रन पूरे किए..10 ओवर में भारत को अब इतिहास बनाना था..जहां भारत के पास कुल 61 गेंद और उसे 65 रन बनाना था..जहां भारत के लिए दुगुनी चुनौती बन गयी ...जहां उसे कगारूओं से बदल लेकर देश का नाम ऊंचा करना था...

225 रन के बीच विराट कोहली का विकेट लेना देश के लिए जहां चिंता करने वाला हुआ..वही दूसरी तरफ लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत लगातार आगे बढ़ा..हार्दिक पांडेय कोहली की जगह बैटिंग के लिए आए ..एक बार फिर काटे की टक्कर के साथ 37 रन और 37 गेंद के साथ भारत दुबई के स्टेडियम पर खेल रहा था...

गेम एक बार फिर दिलचस्प मोड़ पर आ गया ...जहां 27 गेद के साथ 27 बोल पर भारत सिमट गया..वही समय के साथ हवा का रूक बदला.. केएल राहुल ने विजयी छका लगाया .भारत को 48.1 ओवर में 6 विकेट पर 267 बनाकर भारत को विजय दिलाई।...
 
  अब 9 मार्च को लाहौर में फाइनल खेला जाएगा...जहां वो न्यूजीलैड या साउथ अफ्रीका में किस एक के साथ खेलेगा...ये तो समय के गर्भ में है...जहां खेल आसान तो नहीं होगा.. 

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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..