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ICC Champions Trophy 2025: 4 विकट से भारत ने जीती आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी


भारत ने आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी अपने नाम कर ली है..4 विकेट से न्यूजीलैंड को पराजित किया है ..तीसरी बार चैंपियंस ट्रॉफी जीती है... भारत ने दुबई में दुबई स्टेडियम में खेले जा रहे आईसीसी चैंपियंस टॉफी में जीत हासिल की...इसी के साथ 25 साल के बाद न्यूजीलैंड से अपना बदला पूरा कर लिया है..जो इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा ...

जिस मैच में रोहित शर्मा 'प्लेयर ऑफ द मैच' बने ...जहां शुरूआती मैच में रनों की बढ़त का श्रेय रोहित शर्मा को जाता है..

अगर इस पूरे मैच को हम देखें तो भारत के लिए मेच शुरू से ही काफी चुनीतीपूर्ण रहा..जहां भारत के शानदार बल्लेबाज  विराट कोहली अपने शुरूआती दौर में ही हारे गए।.जिससे कहीं न कही लोगों को काफी निराशा लगी... लेकिन जैसे जैसे मैच आगे चला...भारत ने उतार चढ़ाव के बीच जीत हासिल की...रोहित शर्मा का इस में मुख्य योगदान रहा..जिन्होने ने अपनी शानदार बल्लेबाजी करके लक्ष्य का पीछा किया..इसके अलावा अक्षर पटेल, हार्दिक पांडेय, शुभमन गिल, केएल राहुल जैसे बल्लेबाजों की बदौलत भारत ने जीत हासिल की..

'भारत ने 252 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए 49 ओवर में 6 विकेट के नुकसान पर 254 रन बनाकर जीत दर्ज की है..इससे पहले भारत ने 10 माह पहले आईसीसी टी20 विश्व कप जीता था. तब भी रोहित ही कप्तान थे. रोहित और विराट की यह चौथी आईसीसी ट्रॉफी है.''


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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..