कड़वा पर सच है आज हम इतने ज्यादा व्यस्त हो गए हैं कि अगर ये त्योहार न आये तो शायद हम जिंदगी को जीना ही भूल जाए। घर जाने की खुशी, अपनों के संग बैठने का मजा, दोस्तों संग बातचीत किसी का हाल चाल जानने की इच्छा ही हममें न रह जाए। ये त्योहार ही तो है जो हमें कुछ पल के लिए जिंदगी जीना सीखाते है। अफसोस न करना पड़े कि उनसे हम मिले नहीं इसके लिए हमे उनसे मिलने का मौका दे जाते हैं। इस होली नजर अंदाज न करना किसी को क्यों कि एक समय के बाद कहां लोग हमारे बीच रह पाते हैं।

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